Spread the love
एड्स क्या है? – एक जानलेवा बीमारी

एड्स एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जो मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु (एचआईवी) संक्रमण के बाद होती है। एचआईवी संक्रमण के पश्चात मानवीय शरीर की प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है। एड्स का पूर्ण रूप से उपचार अभी तक संभव नहीं हो सका है। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति में एड्स की पहचान संभावित लक्षणों के दिखने के पश्चात ही हो पाती है। रोग रोकथाम एवं निवारण केंद्र द्वारा एड्स के संभावित लक्षण बताये गए हैं। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति, जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित नहीं है, में एड्स के लक्षणों की जाँच विशेष रक्त जाँच (cd4+ कोशिका गणना) के आधार पर की जा सकती है। एचआईवी संक्रमण का अर्थ यह नहीं है कि वह व्यक्ति एड्स से भी पीड़ित हो। एड्स के लक्षण दिखने में 8 से 10 वर्ष तक का समय लग सकता है। एड्स की पुष्टि चिकित्सकों द्वारा जाँच के पश्चात ही की जा सकती है। एचआईवी संक्रमण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को इस हद तक कम कर देता है कि इसके बाद शरीर अन्य संक्रमणों से लड़ पाने में अक्षम हो जाता है। इस प्रकार के संक्रमण को “अवसरवादी” संक्रमण कहा जाता है क्योंकि ये अवसर पाकर कमजोर हो रहे प्रतिरक्षा प्रणाली पर हावी हो जाते हैं जो बाद में एक बीमारी का रूप ग्रहण कर लेती है। एड्स प्रभावित लोगों में हुए कई संक्रमण, जो गंभीर समस्या पैदा कर सकते हैं या जानलेवा हो सकते हैं, को शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली नियंत्रित करती है। एड्स शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को इतना दुष्प्रभावित कर देता है कि इस गंभीर बीमारी की रोकथाम या इसका उपचार करना आवश्यक हो जाता है।एड्स क्या है? - एक जानलेवा बीमारी


एचआईवी/एड्स से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी वायरस) शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की कोशिकाओं को संक्रमित कर देता है।

एचआईवी कई तरीकों से फैल सकता है।

पूरे विश्व में लगभग 3.53 करोड़ लोग एचआईवी से प्रभावित हैं।

एचआईवी दुनिया की प्रमुख संक्रामक एवं जानलेवा बीमारी है।

एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) शरीर में एचआईवी वायरस को फैलने से रोकता है।

वर्ष 2012 के अंत तक निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों के लगभग 1 करोड़ एचआईवी पॉजिटिव लोगों को एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) उपलब्ध करवाई जा चुकी है।

विश्व के लगभग 33.4 लाख बच्चे एचआईवी से प्रभावित हैं

मां से बच्चे में एचआईवी के संक्रमण को रोका जा सकता है।

एचआईवी प्रभावित लोगों में सामान्य लोगों की अपेक्षा क्षय रोग (टी.बी) होने का खतरा अधिक होता है।

Was this helpful?

0 / 0

Leave a Reply 2

Your email address will not be published. Required fields are marked *


हृदय गति रूकने का कैसे पता लगायेः- CPR (Cardio Pulmonary Resuscitation) - Web Ask It

हृदय गति रूकने का कैसे पता लगायेः- CPR (Cardio Pulmonary Resuscitation) - Web Ask It

[…] एड्स क्या है? – एक जानलेवा बीमारी […]

What is Abdominal Pain ? | Introduction | Symptoms | Causes | Diagnosis | Management - Web Ask It

What is Abdominal Pain ? | Introduction | Symptoms | Causes | Diagnosis | Management - Web Ask It

[…] एड्स क्या है? – एक जानलेवा बीमारी | एचआई… […]