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राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम – चौथा चरण एवं “एड्स मुक्त भारत” अभियान

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के चौथे चरण (2012-2017) से संबंधित योजना एवं नीतियों का निर्धारण कई हितधारकों से परामर्श लेने के बाद विस्तृत नियोजन प्रक्रिया के पश्चात किया गया।

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम – IV का उद्देश्य सतर्क एवं निर्धारित समेकित प्रक्रिया के द्वारा इन पांच वर्षों में एचआईवी संक्रमण के मामलों को तेजी से घटाना एवं देश में इस महामारी से निपटने संबंधी प्रक्रिया को और बल प्रदान करना है। इसका मुख्य उद्देश्य एचआईवी के नए मामलों में कमी लाना एवं एचआईवी/एड्स प्रभावित लोगों को आवश्यक उपचार एवं सुविधाएँ उपलब्ध करवाना है।

इस कार्यक्रम की मुख्य नीतियाँ हैं – एचआईवी/एड्स के रोकथाम संबंधी, प्रक्रिया में तेजी लाना एवं उसे बल प्रदान करना एचआईवी/एड्स संबंधी विषयों पर शिक्षा एवं परामर्श सुविधाएँ उपलब्ध करवाना, सामरिक सूचना प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करना एवं राष्ट्रीय, राज्य, जिले एवं निचले स्तर पर इसका क्रियान्वयन करना।

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम नीति निर्धारण में विभिन्न समुदायों की भागीदारी एवं स्वामित्व निर्धारित करने का एक उत्कृष्ठ उदहारण है। यही वजह रही कि यह कार्यक्रम देश के प्रत्येक क्षेत्र में क्रियान्वित हो सका एवं जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सका। सिविल सोसाइटी एवं सामुदायिक संचालन, सेवाओं को सभी तक पहुँचाने, कलंक एवं भेदभाव संबंधी मुद्दों को पहचानने में एचआईवी/एड्स प्रभावित लोगों के समाज ने इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में भरपूर सहयोग प्रदान किया।

महामारी से निपटने की यह नीति एवं कार्यक्रम से संबंधित आँकड़ों का विश्लेषण यह दिखाता है कि इस महामारी को रोकने का लक्ष्य हासिल किया जा रहा है एवं राष्ट्रीय स्तर पर निश्चित समय सीमा के अन्दर ही इस महामारी को जड़ से मिटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

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